वीडियो जानकारी:शब्दयोग सत्संग१ अप्रैल २०१४अद्वैत बोधस्थल, नॉएडाप्रसंग:मन क्या है?मन इतना खंडित- खंडित सा क्यों रहता है?बँटा मन तो बँटा जीवन?मन हर चीज को अलग-अलग करके क्यों देखता है?हम द्वैत में ही फँसे क्यों रहते है?